| Wednesday, 04 April 2012 14:14 |
स्थानीय 'शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स' में रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने 'अकुला- दो' श्रेणी के 'नेरपा' को नौसेना में शामिल किया । इसे 'आईएनएस चक्र' का नाम दिया गया है । भारत ने 'नेरपा' को लीज पर हासिल करने के लिए रूस के साथ 2004 में 900 मिलियन अमेरिकी डॉलर का करार किया था। 'नेरपा' को दो साल पहले ही भारत की सेना में शामिल किया जाना था पर 2008 में परीक्षण के दौरान हुए एक हादसे में कई रूसी नाविकों के मारे जाने के बाद इसकी आपूर्ति के कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया । भारतीय नौसेना के कुछ दलों को रूस में 'नेरपा' संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है । 'आईएनएस चक्र' के संचालन के लिए करीब 30 अधिकारियों सहित 70 लोगों के दल की जरूरत होगी । 'नेरपा' पनडुब्बी का सबसे अहम हिस्सा इसका परमाणु रिएक्टर है जिसे रूस ने बनाया है । इसका विस्थापन करीब 8,140 टन है । इसकी अधिकतम गति सीमा 30 नॉट है । यह 600 मीटर की गहराई तक जा सकता है । |
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