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Thursday, May 26, 2016
तनिको पांव जमाके रखिये जमीन पर दोस्तों कि आसमान गिर रहा है जमीन को खाने के लिए। मनुष्यता बची नहीं रहेगी तो प्रकृति और पृथ्वी के बचे होने की कोई उम्मीद भी नहीं है। मराठी जनता अपने साहित्य.संस्कृति और पत्रकारिता की बहुरंगी विरासत के प्रति हिंदी दुनिया के मुकाबले बहुत ज्यादा संवेदनशील है तो हमें खुशी हो रही है कि हम नागपुर में 28 मई को बाबासाहेब की दीक्षाभूमि पर खड़ी जनता के बीच वहां हस्तक्षेप का मराठी और बांग्ला में विस्तार करने जा रहे हैं। जनांदोलन और जनमोर्चे पर क्या होगा,हम नहीं जानते लेकिन वैकल्पिक मीडिया के मोर्चे पर अमलेंदु उपाध्याय, यशवंत सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, रेयाजुल हक, साहिल, प्रमोद रंजन, चंदन,सुनील खोब्रागडे,डा.सुबोध बिश्वास,अशोक बसोतरा, अभिराम मल्लिक, ज्ञानशील,शरदेंदु बिश्वास,संजय जोशी,कस्तूरी, दिलीप मंडल,संजीव रामटेके,प्रमोड कांवड़े, अयाज मुगल जैसे कार्यकर्ताओं के हाथ बैटन है और उन्हें नेतृत्वकारी भूमिका के लिए खुद को जल्द से जल्द तैयार होना होगा और आपस में समन्वय भी बनाना होगा। जनता के बेशकीमती ख्वाबों की बहाली अब जनप्रतिबद्धता का सबसे बड़ा कार्यभार है और इसलिए बाबासाहेब का जाति उम्मूलन का मिशन सबसे ज्यादा प्रासंगिक है क्योंकि जाति व्यवस्था की नींव पर ही यह धर्मोन्माद का तिलिस्म मुक्त बाजार है। आप तनिक भी हमारी या हमारे मिशन की परवाह करते हों तो हस्तेक्षेप के पोर्टल के टाप पर ललगे पे यू एप्स बटन पर तुरंत जो भी आप पे कर सकें तुरंत कीजिये।यह समर्थन मिला तो हम जरूर कामयाब होंगे।वरना हमारी मौत है। दुनिया के लिए आज सबसे बुरी खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन जीत चुके हैं और व्हाइट हाउस के तमाम दरवाजे और खिड़कियां उनके लिए खुले हैं उसीतरह जैसे अबाध पूंजी के लिए हमने अगवाड़ा पिछवाड़ा खोल रखा है।संजोगवश आज ही भारत के चक्रवर्ती महाराज के राज्याभिषेक की दूसरी वर्षी के मौके पर भारत में विज्ञापनों की केसरिया सुनामी है।भारत और अमेरिका ही नहीं,सोवियत संघ के विघटन के बाद टुकटा टुकड़ा लेनिन का ख्वाब और गिरती हुई चीन की दीवार पर भी धर्मध्वजा फहरा दिया गया है। पलाश विश्वास
Sunday, March 6, 2016
Sunil Khobragade Editor,Marathi Daily Mahanayak and Republican Leader blsts Some of pseudo Ambedkarites,specially BAMSEFISTS and BHUL Niwasi waman bhakts, has become fidgety with the emergence of Kanhaiyya Kumar as an icon of the oppressed masses. I have to say that this cynic clan is not interested to enlarge the circumference of Ambedkarism. they want to confine the movement within their ghetto.
Sunil Khobragade
Editor,Marathi Daily Mahanayak and Republican Leader blsts
In this regard I have to say that this cynic clan is not interested to enlarge the circumference of Ambedkarism. they want to confine the movement within their ghetto. Its true that Some of Bhumihar maniacs like Brahmeshwar prasad Singh and the organization like Ranveer Sena acted against dalits.citing their example every member of Bhumihar community can't be blamed and branded anti dalit. if we see the history The Bhumihars were the first who fought to abolish Zamindari System and establish peasants right over land. prominent Bhumihar leader swami sahjanand sarswati laid Kisan sabha and fought against his own caste leader Ganesh Dutt singh who was pro-Zamindar. bhumhar leader Karyanand sharma was the person who established Khet Mazdoor Sabha and fought for the cause of landless labourers mostly dalits throughout his life. Revolutionary Yogendra Shukla and Kishori Prasanna Sinha, both were prominent aides of martyr Bhagat Singh. Bihar Kesari Dr.Krishn Singh Sinha was the first Chief minister in India who abolished zamindary system by law.those who raise doubts about Kanhaiyya on the basis of his Bhumihar caste must read about the contribution of The great Buddhist monk Mahapandit Rahul Sankrutyayan towards spreading Buddhism. He was Kedarnath Pandey, a Bhumihar by birth.but later he sacrificed his entire life for Buddhism.Though Rahulji was Buddhist Monk he actively participated in satyagrah against Zamindars. in 1939 when he participated in a satyagrah at Amwari village in chhapra district along with his fellow monk Nagarjun, he was attacked by Bhumihar zamindars.The blood oozing out of the head of yellow clad monk became rallying cry of the peasantry in Bihar. Rahulji emerged as an inspiring figure of all the peasants,workers in Bihar at that time.why could we not see future Rahul Sankrutyayan in Kanhaiyya ?
देश भर के वरिष्ठ पत्रकारों , सभी पत्रकार संगठनों , सभी प्रेस क्लब से अपील है कि नक्सल उन्मूलन अभियान के नाम पर मिली नाजायज स्वतंत्रता का छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा निष्पक्ष पत्रकारिता पर दबाव बनाने के उद्देश्य से बस्तर के पत्रकार साथी सोमारू नाग और संतोष यादव की फर्जी मामलों में जन सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तारी के विरोध में और पत्रकार सुरक्षा कानून लागु करने की मांग को लेकर 5 मार्च 2016 को आहूत "विधानसभा कूच" करने को लेकर रायपुर में आयोजित " पत्रकार महा आंदोलन " में शामिल होकर इसे सफल बनायें | यह आंदोलन पूरी तरह केवल सोशल मिडिया के माध्यम से चलाया गया है | इसी अभियान के तहत आंदोलन का क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय चरण " 10 अक्टूबर को रायपुर प्रदर्शन " तथा 21 दिसम्बर 2015 को बस्तर (जगदलपुर) में "जेल भरो आंदोलन" के रूप में सफल हुआ था | आप सभी से निवेदन है कि आप बिना किसी फोन या संपर्क की प्रतीक्षा किये बिना और बिना किसी अहम् या नाराज हुए बिना इस अभियान में शामिल हों | मै आंदोलन को सहमति देने वाले और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हिमायती सभी जनसंगठनों , संस्थाओं , राजनीतिज्ञों , बुद्धिजीवियों और
मै आंदोलन को सहमति देने वाले और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हिमायती सभी जनसंगठनों , संस्थाओं , राजनीतिज्ञों , बुद्धिजीवियों और समाज सेवियों से भी आह्वान करता हूँ कि वे इस दिन अपनी उपस्थिति पत्रकरिता आंदोलन के इतिहास की इस महत्व पूर्ण घडी में अवश्य दर्ज कराएं |

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WHY FORGET THE DEAD OF 2002??

बंगाल में घिरा संघ परिवार, उग्र हिंदुत्व के तीर तरकश बेकार तो बौखलाने लगे बजरंगी!

कर्मचारियों की पेट काटकर की गई बचत पर मोदी सरकार की सेंधमारी

SCOURGE OF THE SCOUNDRELS

चर्च पर हमला : माकपा ने की अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग
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पलाश विश्वास कोलकाता। उग्र हिंदुत्व के रास्ते चलकर कमसकम बंगाल में संघ परिवार को कुछ हासिल नहीं होने वाला है। बंगाल में भाजपा के अध्यक्षपद पर तपन सिकदर और तथागत राय जैसे लोग रहे हैं जो बंगाल की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के जानकार रहे हैं, लेकिन राहुल सिन्हा को अध्यक्ष बनाकर बंगाल में हिंदुत्व की सुनामी […]
SCOURGE OF THE SCOUNDRELS

Anand Teltumbde Patriotism is the last refuge of scoundrels -Samuel Johnson Close on the heels of the institutional murder of Rohith Vemula, has come another attack of the Hindutva forces on the Jawaharlal Nehru University (JNU) students. A pattern in these episodes including the previous one, that of banning the Ambedkar Periyar Study Circle (APSC) […]
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रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने रायपुर में बजरंग दल द्वारा एक चर्च में घुसकर तोड़-फोड़ करने, प्रार्थना कर रही महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने तथा दो साल के बच्चे को जमीन में पटकने की घटना की तीखी निंदा करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की है. एक बयान में माकपा राज्य सचिव संजय […]
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कर्मचारी भविष्य निधि पर आयकर या कर्मचारियों की पेट काटकर की गई बचत पर सेंधमारी अरुण कान्त शुक्ला स्वतन्त्र भारत के इतिहास में शायद ही किसी वित्तमंत्री या उसके विभाग को बजट में किये गए प्रस्तावों में से किसी एक पर इतने स्पष्टीकरण देने पड़े होंगे, जितने अरुण जेटली और उनके वित्त मंत्रालय को कर्मचारी […]
देश में देशद्रोह के नाम पर अघोषित आपातकाल – दारापुरी

बाराबंकी: 6 मार्च, 2016। "आज देश में देशद्रोह के नाम पर अघोषित आपातकाल की स्थिति है और केन्द्र में बैठी मोदी सरकार अपने विरूद्ध उठती हुयी जनमानस की आवाज व जन मुद्दों को उठाने वालों को आतंकित करने का प्रयास कर रही है।" यह विचार किसान सभा द्वारा गांधी भवन में "लुटेरों से आजादी" शीर्षक […]

ना ना, आज़ादी कोई अधूरी लावारिस चीख नहीं है!

कन्हैया को एक और नायक बनाकर हम उनके विचारों की हत्या कर देंगे

आप 'मन की बात' करते हैं, कभी मां की बात भी कर लीजिए

अफजल गुरु नहीं, रोहित वेमुला मेरा आदर्श – कन्हैया

शरीर भले ही कन्हैया का हो लेकिन उसमें आत्मा रोहित वेमुला की है

#GKPILLAIEXPOSED अपराधियों को बचाने के लिए दूर से निशाना

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